लुधियाना, 21 फरवरी 2026 (संजीव आहूजा): फोर्टिस अस्पताल, मॉल रोड, लुधियाना ने लिवर की जांच के लिए आधुनिक FibroScan 430 Mini+ मशीन शुरू की है। यह मशीन बिना सुई, बिना कट और बिना ऑपरेशन के लिवर की सख्ती और उसमें जमा फैट की मात्रा की जांच करती है।
लिवर की बीमारी अक्सर शुरुआती चरण में कोई लक्षण नहीं दिखाती। जब तक मरीज को पता चलता है, तब तक बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है। यह नई तकनीक लिवर को हुए नुकसान की जल्दी और सही पहचान करने में मदद करती है।
यह जांच केवल 5–10 मिनट में पूरी हो जाती है और रिपोर्ट तुरंत मिल जाती है। यह OPD में की जाती है और मरीज जांच के बाद तुरंत घर जा सकता है। पहले लिवर की जांच के लिए बायोप्सी करनी पड़ती थी, जो दर्दनाक और डराने वाली प्रक्रिया थी। अब FibroScan से यह परेशानी पूरी तरह खत्म हो गई है।
आजकल शराब से जुड़ी लिवर बीमारी और मेटाबॉलिक लिवर रोग तेजी से बढ़ रहे हैं।
डॉ. राजू सिंह छीना, डायरेक्टर एवं हेड गैस्ट्रोएंटरोलॉजी ने बताया कि मोटापा, डायबिटीज और गलत जीवनशैली के कारण फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। समय पर जांच होने से इलाज और जीवनशैली में बदलाव करके बीमारी को रोका या नियंत्रित किया जा सकता है।
डॉ. नितिन शंकर बहल, डायरेक्टर गैस्ट्रोएंटरोलॉजी ने कहा कि यह जांच पूरी तरह सुरक्षित और बिना दर्द की है। इसमें न सुई लगती है और न ही अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत होती है। यह खासतौर पर डायबिटीज, मोटापा या शराब सेवन करने वाले लोगों के लिए फायदेमंद है।
डॉ. अमित बंसल, सीनियर कंसल्टेंट गैस्ट्रोएंटरोलॉजी ने कहा कि लिवर की बीमारी को “साइलेंट डिजीज” कहा जाता है क्योंकि यह बिना लक्षण के बढ़ती रहती है। समय पर पहचान होने से सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है।
गुरदर्शन सिंह मांगट्ट, फैसिलिटी डायरेक्टर ने कहा कि फोर्टिस अस्पताल, मॉल रोड, लुधियाना का उद्देश्य मरीजों को आधुनिक और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। लिवर की बीमारियां बढ़ रही हैं, इसलिए समय पर जांच बहुत जरूरी है।
