डॉ. अमित भांबरी, सीनियर कंसल्टेंट – बेरिएट्रिक एवं मेटाबॉलिक सर्जरी, फोर्टिस अस्पताल, लुधियाना
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| डॉ. अमित भांबरी |
लुधियाना, 03 मार्च, 2026 (संजीव आहूजा): मोटापे से परेशान कई लोगों के मन में बेरिएट्रिक सर्जरी को लेकर डर और गलतफहमियाँ होती हैं। लोग इसे कभी “शॉर्टकट” समझते हैं तो कभी बहुत खतरनाक मान लेते हैं। आइए जानते हैं सच्चाई क्या है।
भ्रम 1: यह जल्दी वजन कम करने का आसान तरीका है
सच्चाई: बेरिएट्रिक सर्जरी कोई शॉर्टकट नहीं है। यह केवल बहुत अधिक मोटापे या डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, स्लीप एपनिया जैसी बीमारियों से ग्रसित मरीजों के लिए डॉक्टर की सलाह से की जाती है। ऑपरेशन के बाद मरीज को सख्त डाइट, नियमित व्यायाम और डॉक्टर की सलाह का पालन करना जरूरी होता है।
सिर्फ ऑपरेशन से स्थायी समाधान नहीं मिलता, अनुशासन बहुत जरूरी है।
भ्रम 2: यह सर्जरी बहुत खतरनाक होती है
सच्चाई: आजकल यह सर्जरी आधुनिक और मिनिमली इनवेसिव तकनीक से की जाती है। इसका जोखिम आम ऑपरेशनों जैसे गॉलब्लैडर सर्जरी जितना ही होता है। इसके उलट, गंभीर मोटापे से होने वाली बीमारियों का खतरा ज्यादा हो सकता है।
भ्रम 3: ऑपरेशन के बाद फिर से वजन बढ़ जाता है
सच्चाई: अगर मरीज सही लाइफस्टाइल अपनाता है तो वजन कम रहता है। हाँ, अगर डाइट और व्यायाम छोड़ दिए जाएँ, तो वजन बढ़ सकता है। ऑपरेशन शरीर में बदलाव करता है, लेकिन जिम्मेदारी मरीज की भी होती है।
भ्रम 4: यह सिर्फ पतला दिखने के लिए है
सच्चाई: इसका मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सुधारना है। मरीजों को बेहतर चलने-फिरने में मदद मिलती है, दवाइयों की जरूरत कम हो सकती है, डायबिटीज में सुधार आता है और जीवन की गुणवत्ता बेहतर होती है।
भ्रम 5: यह सिर्फ बहुत ज्यादा मोटे लोगों के लिए है
सच्चाई: सर्जरी का निर्णय बीएमआई और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर लिया जाता है, न कि केवल दिखावे से। पूरी मेडिकल जांच के बाद ही फैसला किया जाता है।
निष्कर्ष: बेरिएट्रिक सर्जरी कोई जादू नहीं है, लेकिन सही मरीज के लिए यह जीवन बदलने वाला इलाज साबित हो सकता है।
