होशियारपुर, 12 अक्टूबर, 2026 (संजीव आहूजा): सेंचुरी प्लाइबोर्ड्स (इंडिया) लिमिटेड ने आज पंजाब के होशियारपुर में अपनी नई प्लाईवुड विनिर्माण इकाई का उद्घाटन किया। यह कंपनी की विस्तार योजना का एक बड़ा कदम है, जिससे उत्तर भारत में उसकी मौजूदगी और मजबूत होगी।
इस ग्रीनफील्ड परियोजना में दो चरणों में लगभग 215 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसमें से 180 करोड़ रुपये पहले चरण में और बाकी राशि दूसरे चरण में लगाई जाएगी। 27 एकड़ में फैली इस इकाई को उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के बाजारों में प्लाईवुड की बढ़ती मांग को पूरा करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
गुणवत्ता से कोई समझौता न करने वाला प्लाईवुड बनाने वाली इस इकाई का उद्घाटन सेंचुरीप्लाई के चेयरमैन सज्जन भजंका, मैनेजिंग डायरेक्टर संजय अग्रवाल, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर केशव भजंका और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर निकिता बंसल ने किया।
होशियारपुर स्थित यह इकाई भारत में सेंचुरीप्लाई का सातवां प्लाईवुड संयंत्र है। इसके साथ कंपनी का मौजूदा विनिर्माण नेटवर्क और विस्तृत होगा, जिसमें पश्चिम बंगाल, गुवाहाटी, चेन्नई, गुजरात, हरियाणा और उत्तराखंड की इकाइयां शामिल हैं। नई इकाई से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे प्रमुख बाजारों में कंपनी की पहुंच और बढ़ेगी।
होशियारपुर में यह इकाई लकड़ी और प्लाईवुड के पहले से विकसित कारोबार के करीब है। साथ ही यहां कुशल श्रमबल और प्रमुख उपभोक्ता बाजारों तक बेहतर कनेक्टिविटी भी उपलब्ध है। इससे क्षेत्र में उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने, सप्लाई चेन को अधिक प्रभावी बनाने और डिलीवरी का समय घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इस अवसर पर सेंचुरी प्लाइबोर्ड्स (इंडिया) लिमिटेड की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर निकिता बंसल ने कहा, “होशियारपुर इकाई की शुरुआत उत्तर भारत में हमारी विनिर्माण उपस्थिति मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे भी अहम बात यह है कि यह बेजोड़ प्लाईवुड बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाती है। हमारे लिए इसका मतलब क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ ग्राहकों के और करीब पहुंचना, सप्लाई चेन को मजबूत करना और बाजार की बदलती जरूरतों के हिसाब से तेजी से कदम उठाना भी है।
“इस इकाई की शुरुआती उत्पादन क्षमता 60,000 क्यूबिक मीटर (सीबीएम) सालाना है। अगले छह महीनों में इसे बढ़ाकर 1 लाख क्यूबिक मीटर करने की योजना है। इससे हम बाजार की मांग के हिसाब से क्षमता बढ़ा सकेंगे। साथ ही, हमारा ध्यान बुनियादी बातों को सही रखने पर है, यानी तकनीक पर आधारित प्रक्रियाएं, कामकाज में कुशलता और गुणवत्ता में निरंतरता। मुझे लगता है कि इन्हीं से होशियारपुर इकाई गुणवत्ता से समझौता किए बिना प्लाईवुड उपलब्ध कराने और क्षेत्र में हमारे विस्तार में मदद करेगी।”
यह इकाई शुरुआत में 60,000 क्यूबिक मीटर की वार्षिक उत्पादन क्षमता के साथ काम शुरू करेगी। दूसरे चरण में अगले छह महीनों के भीतर इसकी क्षमता बढ़ाकर 1,00,000 क्यूबिक मीटर सालाना करने की योजना है। पूरी क्षमता पर चलने पर इस इकाई से सालाना लगभग 600 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। संयंत्र में उत्पादन के अलग-अलग चरणों में आधुनिक ऑटोमेशन सिस्टम के जरिए बेजोड़ गुणवत्ता वाला प्लाईवुड बनाया जाएगा। तकनीक पर आधारित प्रक्रियाओं और गुणवत्ता नियंत्रण में निरंतरता का यह मेल बड़े पैमाने पर बेहतरीन विनिर्माण के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
होशियारपुर में नई इकाई की शुरुआत ऐसे समय में हुई है, जब सेंचुरीप्लाई के मौजूदा प्लाईवुड संयंत्र अपनी क्षमता के काफी ऊंचे स्तर पर काम कर रहे हैं। ऐसे में नई इकाई क्षमता बढ़ाने, क्षेत्रीय बाजारों में उत्पादों की उपलब्धता बेहतर करने और उत्तर भारत के ज्यादा संभावनाओं वाले बाजारों में कंपनी के विस्तार को गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।
इस परियोजना से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी काफी लाभ मिलने की उम्मीद है। विनिर्माण गतिविधियों और उनसे जुड़े अन्य क्षेत्रों के माध्यम से 1,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। इससे स्थानीय स्तर पर कौशल विकास, वेंडर नेटवर्क और आजीविका के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।
परिचालन दक्षता और जिम्मेदार विनिर्माण को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इस संयंत्र में ऑटोमेटेड उत्पादन प्रक्रियाएं, सेंट्रलाइज्ड डस्ट कलेक्शन सिस्टम और गंदे पानी के ट्रीटमेंट की सुविधाएं हैं। यहां छत पर सोलर पावर लगाने का प्रावधान भी है। इसके अलावा, उत्पादन प्रक्रिया के दौरान निकलने वाले लकड़ी के कचरे का इस्तेमाल ईंधन के रूप में किया जा सकेगा, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा। स्वच्छ ऊर्जा, कचरे के दोबारा इस्तेमाल और संसाधनों के कुशल उपयोग से जुड़े ये उपाय टिकाऊ विनिर्माण की सेंचुरीप्लाई की सोच को पुख्ता करते हैं।
इस इकाई को भविष्य में विस्तार की संभावनाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। दूसरे चरण में आने वाले महीनों के दौरान इसकी प्रोसेसिंग और उत्पादन क्षमता को और बढ़ाया जाएगा। कंपनी को उम्मीद है कि इस नई इकाई से उत्तर भारत के बाजारों में उत्पादों की उपलब्धता बेहतर होगी, डिलीवरी का समय कम होगा और देशभर में फैले उसके विनिर्माण एवं वितरण नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।
